Tuesday, February 21, 2012

हवा

ठण्डी हवा, तेज़ हवा
काली हवा, अंग्रेज़ हवा,
तिब्बत का भूकम्प थी चीनी हवा,
कश्मीर में फिरती है असमंजस की भीनी हवा |
यहूदियों की इसरयाली सख्त हवा,
मुसलमानों का बहाती रक्त हवा,
मिस्र में प्राचीन शिल्पकारों की कृति नष्ट करती हवा,
वहीँ थोड़े पूरब के मरूस्थल में खुद शिल्पकार बनने का कष्ट करती हवा |
हिंदुकुश की पहाड़ियों में हिन्दू खुश ना रखती हवा,
मज़हब की जिद्दी आंधी में शायद, कुछ भी ना कर सकती ये हवा
वहाँ जापान में हवा समूह में फिरती है, तो बन जाती बवंडर ये हवा,
ऊपर नीचे आगे पीछे कामुक छलांगे लगा कर छोड़ जाती खण्डर ये हवा |
उत्तर-भारत के योगी बाबा के श्वास की हवा,
दक्षिण के भोगी बाबा के अन्धविश्वास की हवा,
देश वासियों की अन्ना में क्षण-भर के विश्वास की हवा,
बहती है अध्यात्मिक प्रदूषण की बकवास की हवा |
वक़्त की रफ़्तार समझ आती है, हवा की नहीं
रूकती नहीं है ये हवा,
थकती नहीं है ये हवा,
दिखती नहीं है ये हवा,
और हाँ, मनुष्य की तरह बिकती नहीं है ये हवा!